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	<title>लोएस - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>रविन्द्र प्रसाद: ''''लोएस''' मरुस्थलीय क्षेत्रों के बाहर पवन द्वारा उड़ा...' के साथ नया पन्ना बनाया</title>
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		<updated>2012-01-22T13:48:17Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;लोएस&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; मरुस्थलीय क्षेत्रों के बाहर पवन द्वारा उड़ा...&amp;#039; के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''लोएस''' मरुस्थलीय क्षेत्रों के बाहर पवन द्वारा उड़ाकर लाए गए धूल व [[मिट्टी]] के महीन कणों के वृहद जमाव को कहा जाता है। ये कण इतने महीन होते हैं कि, हवा इन्हें बहुत दूर तक उड़ा ले जाती है। लोएस के जमाव में अन्य [[अवसादी चट्टान|अवसादी चट्टानों]] की भांति संस्तरों का पूर्णत: अभाव होता है। इस तरह के जमावों का 'लोएस' नाम [[जर्मनी]] के अल्सेस प्रांत में स्थित 'लोएस ग्राम' के नाम पर पड़ा है, जहां ऐसी सूक्ष्म मिट्टियों का निक्षेप प्रचुर मात्रा में मिलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*वर्ष 1821 में राइन नदी घाटी में बने मिट्टी के इस तरह के जमाव के लिए पहली बार 'लोएस' शब्द का इस्तेमाल किया गया था।&lt;br /&gt;
*लोएस मिट्टियाँ प्राय: अधिक सरंध्र, बहुत उपजाऊ और [[कृषि]] के उपयुक्त होती हैं।&lt;br /&gt;
*उत्तरी [[चीन]] में कई सौ मीटर की मोटाई वाला लोएस का जमाव पाया जाता है।&lt;br /&gt;
*इसका निर्माण मध्य [[एशिया]] के [[गोबी मरुस्थल]] से पवन द्वारा उड़ाकर लाई गई मिट्टियों से हुआ है।&lt;br /&gt;
*लोएस में क्वार्ट्रज, फेल्सपार, अभ्रक तथा कैल्साइट इत्यादि [[खनिज|खनिजों]] का मिश्रण पाया जाता है।&lt;br /&gt;
*ऑक्सीकरण की वजह से इनका [[रंग]] [[पीला रंग|पीला]] या [[भूरा रंग|भूरा]] होता है।&lt;br /&gt;
*अन्य अपक्षय क्रियाओं का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।&lt;br /&gt;
*चीन की लोएस रेगिस्तानी है, जबकि [[यूरोप]] में [[जर्मनी]], [[फ़्राँस]], बेल्जियम इत्यादि देशों की लोएस हिमनदीय है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{मिट्टी}}&lt;br /&gt;
{{भूगोल शब्दावली}}&lt;br /&gt;
[[Category:भूगोल शब्दावली]]&lt;br /&gt;
[[Category:भूगोल कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:मिट्टी]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
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