इंसुलिन: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
शिल्पी गोयल (talk | contribs) ('इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक [[हार्...' के साथ नया पन्ना बनाया) |
शिल्पी गोयल (talk | contribs) No edit summary |
||
Line 1: | Line 1: | ||
इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक [[ | इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक [[हॉर्मोन]] होता है जिसे [[अग्न्याशय]] बनाता है। इसका मुख्य कार्य हमारी [[कोशिका|कोशिकाओं]] में ग्लूकोज पहुँचाना एवं इसकी मात्रा को संतुलित रखना होता है। यह ग्लूकोज हमारी कोशिकाओं में पहुँचकर [[वसा]] बन जाता है और वहाँ सुरक्षित रहता है। यह वसा [[ऊर्जा]] बनाने में प्रयोग आता है। जब भी भोजन किया जाता है, [[अग्न्याशय]] सटीक मात्रा में इंसुलिन का स्रवण करता है। | ||
==इंसुलिन का कार्य== | ==इंसुलिन का कार्य== | ||
शरीर सीमित मात्रा में ही ग्लूकोज चाहता है, जब हम आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज और [[वसा]] लेते है तो इंसुलिन इसे नियंत्रण करता है, पर धीरे-धीरे हमारे इंसुलिन की कार्य क्षमता घटती जाती है और भोजन में ग्लूकोज और वसा की मात्रा बढ़ती जाती है। असंतुलन को दूर करने के लिए शरीर अग्न्याशय को अधिक मात्रा में इंसुलिन बनाने का आदेश देता है। | शरीर सीमित मात्रा में ही ग्लूकोज चाहता है, जब हम आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज और [[वसा]] लेते है तो इंसुलिन इसे नियंत्रण करता है, पर धीरे-धीरे हमारे इंसुलिन की कार्य क्षमता घटती जाती है और भोजन में ग्लूकोज और वसा की मात्रा बढ़ती जाती है। असंतुलन को दूर करने के लिए शरीर अग्न्याशय को अधिक मात्रा में इंसुलिन बनाने का आदेश देता है। |
Revision as of 11:03, 15 November 2010
इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक हॉर्मोन होता है जिसे अग्न्याशय बनाता है। इसका मुख्य कार्य हमारी कोशिकाओं में ग्लूकोज पहुँचाना एवं इसकी मात्रा को संतुलित रखना होता है। यह ग्लूकोज हमारी कोशिकाओं में पहुँचकर वसा बन जाता है और वहाँ सुरक्षित रहता है। यह वसा ऊर्जा बनाने में प्रयोग आता है। जब भी भोजन किया जाता है, अग्न्याशय सटीक मात्रा में इंसुलिन का स्रवण करता है।
इंसुलिन का कार्य
शरीर सीमित मात्रा में ही ग्लूकोज चाहता है, जब हम आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज और वसा लेते है तो इंसुलिन इसे नियंत्रण करता है, पर धीरे-धीरे हमारे इंसुलिन की कार्य क्षमता घटती जाती है और भोजन में ग्लूकोज और वसा की मात्रा बढ़ती जाती है। असंतुलन को दूर करने के लिए शरीर अग्न्याशय को अधिक मात्रा में इंसुलिन बनाने का आदेश देता है।
|
|
|
|
|