User:शिल्पी गोयल/अभ्यास1: Difference between revisions

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
No edit summary
No edit summary
Line 13: Line 13:
|कर्म-क्षेत्र=संगीत निर्देशक
|कर्म-क्षेत्र=संगीत निर्देशक
|मुख्य रचनाएँ=
|मुख्य रचनाएँ=
|मुख्य फ़िल्में='यूं हसरतों के दाग़'..अदालत (1958), 'हम प्यार में जलने वालों को चैन कहाँ आराम कहाँ'.. जेलर (1958), 'सपने में सजन से दो बातें एक याद रहीं एक भूल गयी'..गेटवे ऑफ इंडिया (1957), 'मैं तो तुम संग नैन मिला के'..मनमौजी, 'ना तुम बेवफा हो'.. एक कली मुस्कुरायी, 'वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी'..संजोग (1961)
|मुख्य फ़िल्में='यूं हसरतों के दाग़'..अदालत (1958), 'हम प्यार में जलने वालों को चैन कहाँ आराम कहाँ'.. जेलर (1958), 'मैं तो तुम संग नैन मिला के'..मनमौजी, 'ना तुम बेवफा हो'.. एक कली मुस्कुरायी, 'वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी'..संजोग (1961)
|विषय=
|विषय=
|शिक्षा=
|शिक्षा=

Revision as of 12:09, 5 October 2011

शिल्पी गोयल/अभ्यास1
पूरा नाम मदन मोहन कोहली
जन्म 25 जून 1924
जन्म भूमि बगदाद, इराक
मृत्यु 14 जुलाई 1975
कर्म भूमि मुंबई
कर्म-क्षेत्र संगीत निर्देशक
मुख्य फ़िल्में 'यूं हसरतों के दाग़'..अदालत (1958), 'हम प्यार में जलने वालों को चैन कहाँ आराम कहाँ'.. जेलर (1958), 'मैं तो तुम संग नैन मिला के'..मनमौजी, 'ना तुम बेवफा हो'.. एक कली मुस्कुरायी, 'वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी'..संजोग (1961)
पुरस्कार-उपाधि सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार
विशेष योगदान मदन मोहन को विशेष रूप से फ़िल्म उद्योग में गज़लों के लिए याद किया जाता है।
पसंदीदा गीतकार राजा मेंहदी अली खान, राजेन्द्र कृष्ण और कैफी आजमी