विसरित परावर्तन: Difference between revisions
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Revision as of 05:40, 8 May 2012
जब वायुमण्डल में स्थित अदृश्य कणों का व्यास विकिरण तरंग से बड़ा होता है तब उनसे होने वाले परार्वतन को विसरित परावर्तन कहा जाता है। इसके माध्यम से सौयिर्क शक्ति का कुछ भाग परावर्तित होकर अन्तरिक्ष में चारों ओर बिखर जाता हैं। विसरित परावर्तन के कारण चन्द्रमा का अंधेरा भाग भी आसानी से दृष्टिगोचर हो जाता है।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
संबंधित लेख