सैयद हुसैन बिलग्रामी: Difference between revisions

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*[[1902]] ई. में [[कर्ज़न]] ने सर [[टॉमस रो]] की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग की स्थापना की। इस आयोग में सैयद हुसैन बिलग्रामी एवं जस्टिस [[गुरुदास बनर्जी]] सदस्य के रूप में शामिल थे। इस आयोग का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति का अनुमान लगाना एवं उनके संविधान तथा कार्यक्षमता के बारे में सुझाव देना था।  
'''सैयद हुसैन बिलग्रामी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Syed Hussain Bilgrami'') प्रशासन कर्मचारी एवं [[मुस्लिम लीग|ऑल इंडिया मुस्लिम लीग]] के नेता थे।
* [[1902]] ई. में कर्ज़न ने सर [[टॉमस रो]] की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग की स्थापना की। इस आयोग में सैयद हुसैन बिलग्रामी एवं जस्टिस [[गुरुदास बनर्जी]] सदस्य के रूप में शामिल थे। इस आयोग का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति का अनुमान लगाना एवं उनके संविधान तथा कार्यक्षमता के बारे में सुझाव देना था।  
*  कालान्तर में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने [[मॉर्ले मिण्टो सुधार]] में सक्रिय भूमिका निभाई।  
*  कालान्तर में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने [[मॉर्ले मिण्टो सुधार]] में सक्रिय भूमिका निभाई।  
* [[1909]] में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने [[मुस्लिम लीग]] की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।
* [[1909]] में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने [[मुस्लिम लीग]] की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।
*[[1909]] में सैयद हुसैन बिलग्रामी को [[महारानी विक्टोरिया]] के वादे को लागू करने के लिए व्हाइट हॉल में नियुक्त किया गया।
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सैयद हुसैन बिलग्रामी (अंग्रेज़ी: Syed Hussain Bilgrami) प्रशासन कर्मचारी एवं ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के नेता थे।

  • 1902 ई. में कर्ज़न ने सर टॉमस रो की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग की स्थापना की। इस आयोग में सैयद हुसैन बिलग्रामी एवं जस्टिस गुरुदास बनर्जी सदस्य के रूप में शामिल थे। इस आयोग का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति का अनुमान लगाना एवं उनके संविधान तथा कार्यक्षमता के बारे में सुझाव देना था।
  • कालान्तर में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने मॉर्ले मिण्टो सुधार में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • 1909 में सैयद हुसैन बिलग्रामी ने मुस्लिम लीग की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • 1909 में सैयद हुसैन बिलग्रामी को महारानी विक्टोरिया के वादे को लागू करने के लिए व्हाइट हॉल में नियुक्त किया गया।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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