तारागढ़ का क़िला अजमेर
इस क़िले का निर्माण 11वीं सदी में सम्राट अजय पाल चौहान ने मुग़लों के आक्रमणों से रक्षा हेतु करवाया था। यह क़िला दरगाह के पीछे की पहाड़ी पर स्थित है। मुग़ल काल में यह क़िला सामरिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण था मगर अब यह सिर्फ़ नाम का क़िला ही रह गया है। यहाँ सिर्फ़ जर्जर बुर्ज, दरवाजे और खँडहर ही शेष बचे हैं। क़िले में एक प्रसिद्ध दरगाह और 7 पानी के झालरे भी बने हुए हैं। यहाँ एक मीठे नीम का पेड़ भी है कहा जाता है कि जिन लोगों को संतान नही होती यदि वो इसका फल खा लें तो उनकी यह तमन्ना पूरी हो जाती है।