तवांग मठ: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
No edit summary |
m (Adding category Category:बौद्ध धार्मिक स्थल (को हटा दिया गया हैं।)) |
||
Line 1: | Line 1: | ||
{{पुनरीक्षण}} | {{पुनरीक्षण}} | ||
[[चित्र:Tawang-Monestary-Arunachal-Pradesh-5.jpg|thumb|250px|तवांग मठ, [[अरुणाचल प्रदेश]] | [[चित्र:Tawang-Monestary-Arunachal-Pradesh-5.jpg|thumb|250px|तवांग मठ, [[अरुणाचल प्रदेश]]]] | ||
'''तवांग मठ''' [[अरुणाचल प्रदेश]] के [[तवांग]] शहर में स्थित एक बौद्ध मठ है। | |||
*तवांग मठ का निर्माण मेराक लामा लोड्रे ग्यात्सो ने 1680-81 ई. में कराया था। | *तवांग मठ का निर्माण मेराक लामा लोड्रे ग्यात्सो ने 1680-81 ई. में कराया था। | ||
*तवांग मठ एक पहाड़ी पर बना हुआ है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 10,000 फीट है। | *तवांग मठ एक पहाड़ी पर बना हुआ है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 10,000 फीट है। | ||
Line 18: | Line 18: | ||
==संबंधित लेख== | ==संबंधित लेख== | ||
{{अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल}} | {{अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल}} | ||
[[Category: | [[Category:बौद्ध धार्मिक स्थल]] | ||
[[Category: | [[Category:धार्मिक स्थल कोश]] | ||
[[Category:बौद्ध मठ]] | |||
[[Category:अरुणाचल_प्रदेश]] | [[Category:अरुणाचल_प्रदेश]] | ||
[[Category:अरुणाचल प्रदेश के धार्मिक स्थल]] | [[Category:अरुणाचल प्रदेश के धार्मिक स्थल]] | ||
[[Category:अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल]] | [[Category:अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल]] | ||
__INDEX__ | __INDEX__ |
Revision as of 07:21, 14 February 2012
चित्र:Icon-edit.gif | इस लेख का पुनरीक्षण एवं सम्पादन होना आवश्यक है। आप इसमें सहायता कर सकते हैं। "सुझाव" |
[[चित्र:Tawang-Monestary-Arunachal-Pradesh-5.jpg|thumb|250px|तवांग मठ, अरुणाचल प्रदेश]] तवांग मठ अरुणाचल प्रदेश के तवांग शहर में स्थित एक बौद्ध मठ है।
- तवांग मठ का निर्माण मेराक लामा लोड्रे ग्यात्सो ने 1680-81 ई. में कराया था।
- तवांग मठ एक पहाड़ी पर बना हुआ है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 10,000 फीट है।
- यहाँ पर कई छोटी नदियाँ भी बहती हैं। यहाँ से पूरी त्वांग-चू घाटी के ख़ूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं।
- तवांग मठ दूर से क़िले जैसा दिखाई देता है। पूरे देश में यह अपने प्रकार का अकेला बौद्ध मठ है।
- तवांग मठ एशिया का सबसे बडा बौद्ध मठ है। तवांग मठ में 700 बौद्ध साधू ठहर सकते हैं।
- तवांग मठ के पास एक जलधारा भी बहती है। यह जलधारा बहुत ख़ूबसूरत है और यह मठ के लिए जल की आपूर्ति भी करती है।
- तवांग मठ का प्रवेश द्वार दक्षिण में है। प्रवेश द्वार का नाम काकालिंग है। काकालिंग देखने में झोपडी जैसा लगता है और इसकी दो दीवारों के निर्माण में पत्थरों का प्रयोग किया गया है। इन दीवारों पर ख़ूबसूरत चित्रकारी की गई है, जो पर्यटकों को बहुत पसंद आती है।[1]
|
|
|
|
|