अङ्कुश:
अङ्कुशः [अङ्क्+उशच्] (लोहे का) कांटा या हाथी हांकने की छड़ी, (आलं.) नियंत्रक, संशोधक, प्रशासक, निदेशक, दबाव या रोक-निरङ्कुशाः कवयः; कवि नियंत्रण से मुक्त होते हैं या उन पर कोई बंधन नहीं होता।
सम.-ग्रहः महावत, पीलवान,-अन्वेतुकामोऽवमताङ्कुशग्रहः-शि. 12/16;-दुर्धरः मतवाला हाथी, दुर्दान्त;-धारिन् (पु.) हाथीवान्। -मुद्रा (स्त्रीलिंग) अंगुलियों की अंकुशाकार मुद्रा।[1]
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश |लेखक: वामन शिवराम आप्टे |प्रकाशक: कमल प्रकाशन, नई दिल्ली-110002 |पृष्ठ संख्या: 11 |
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