विशाखा नक्षत्र: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
No edit summary |
गोविन्द राम (talk | contribs) No edit summary |
||
Line 1: | Line 1: | ||
विशाखा [[नक्षत्र]] आकाश मंडल में 16वाँ नक्षत्र है। इसके तीनों चरण तुला राशि में आते हैं। | |||
<poem>अर्थ - विभाजित शाखा | <poem>अर्थ - विभाजित शाखा | ||
देव - इन्द्र व अग्नि</poem> | देव - इन्द्र व अग्नि</poem> | ||
*विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरु है। | *विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरु है। | ||
*वहीं राशि स्वामी शुक्र है। नक्षत्र स्वामी की दशा 16 वर्ष की होती है। | *वहीं राशि स्वामी शुक्र है। नक्षत्र स्वामी की दशा 16 वर्ष की होती है। | ||
Line 12: | Line 11: | ||
{{लेख प्रगति | {{लेख प्रगति | ||
|आधार=आधार1 | |आधार=आधार1 | ||
Line 20: | Line 18: | ||
|शोध= | |शोध= | ||
}} | }} | ||
==टीका टिप्पणी और संदर्भ== | ==टीका टिप्पणी और संदर्भ== | ||
<references/> | <references/> | ||
==संबंधित लेख== | ==संबंधित लेख== | ||
{{नक्षत्र}} | {{नक्षत्र}} | ||
[[Category:ग्रह-नक्षत्र ज्योतिष]] | [[Category:ग्रह-नक्षत्र ज्योतिष]] | ||
[[Category:पौराणिक_कोश]] | [[Category:पौराणिक_कोश]] | ||
[[Category:काल गणना]] | [[Category:काल गणना]] | ||
__INDEX__ | __INDEX__ |
Revision as of 13:47, 3 May 2012
विशाखा नक्षत्र आकाश मंडल में 16वाँ नक्षत्र है। इसके तीनों चरण तुला राशि में आते हैं।
अर्थ - विभाजित शाखा
देव - इन्द्र व अग्नि
- विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरु है।
- वहीं राशि स्वामी शुक्र है। नक्षत्र स्वामी की दशा 16 वर्ष की होती है।
- विशाखा नक्षत्र का अंतिम चरण मंगल की वृश्चिक राशि में आता है। इसे तो नाम अक्षर से पहचाना जाता है।
- जहाँ नक्षत्र स्वामी गुरु है तो राशि स्वामी मंगल गुरु मंगल का युतियाँ दृष्टि संबंध उस जातक के लिए उत्तम फलदायी होती हैं।
- विशाखा नक्षत्र के देवता वृहस्पति को माना जाता है।
- विकंकत के पेड को विशाखा नक्षत्र का प्रतीक माना जाता है और विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग विकंकत वृक्ष की पूजा करते है।
- इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग अपने घर के ख़ाली हिस्से में विकंकत के पेड को लगाते है।
|
|
|
|
|