सफल नेता -काका हाथरसी: Difference between revisions

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
[unchecked revision][unchecked revision]
No edit summary
No edit summary
 
Line 44: Line 44:




==संबंधित लेख==
 
{{काका हाथरसी}}
{{काका हाथरसी}}
[[Category:काका हाथरसी]][[Category:कविता]][[Category:हिन्दी कविता]] [[Category:समकालीन साहित्य]][[Category:साहित्य कोश]][[Category:काव्य कोश]]
[[Category:काका हाथरसी]][[Category:कविता]][[Category:हिन्दी कविता]] [[Category:समकालीन साहित्य]][[Category:साहित्य कोश]][[Category:काव्य कोश]]

Latest revision as of 11:55, 13 June 2013

सफल नेता -काका हाथरसी
कवि काका हाथरसी
जन्म 18 सितंबर, 1906
जन्म स्थान हाथरस, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 18 सितंबर, 1995
मुख्य रचनाएँ काका की फुलझड़ियाँ, काका के प्रहसन, लूटनीति मंथन करि, खिलखिलाहट आदि
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
काका हाथरसी की रचनाएँ


सफल राजनीतिज्ञ वह जो जन गण में व्याप्त ।
जिस पद को वह पकड़ ले कभी न होय समाप्त ॥

     कभी न होय समाप्त, घुमाए पहिया ऐसा ।
     पैसा से पद मिले, मिले फिर पद से पैसा ॥

कह काका, यह क्रम न कभी जीवन-भर टूटे ।
नेता वही सफल और सब नेता झूठे ॥