प्रवरसेन द्वितीय
प्रवरसेन द्वितीय वाकाटक राजा रुद्रसेन द्वितीय का पुत्र और राज्य का उत्तराधिकारी था। रुद्रसेन द्वितीय का विवाह चन्द्रगुप्त द्वितीय की पुत्री प्रभावती गुप्ता के साथ सम्पन्न हुआ था। प्रवरसेन द्वितीय 410 ई. के लगभग वाकाटक सिंहासन पर बैठा। उसने धीरे-धीरे गुप्त राजाओं की अधीनता से अपने को स्वतंत्र कर लिया था।[1]
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ भारतीय इतिहास कोश |लेखक: सच्चिदानन्द भट्टाचार्य |प्रकाशक: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान |पृष्ठ संख्या: 250 |