माँ कहती है -राजेश जोशी

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माँ कहती है -राजेश जोशी
कवि राजेश जोशी
जन्म 18 जुलाई, 1946
जन्म स्थान नरसिंहगढ़, मध्य प्रदेश
मुख्य रचनाएँ 'समरगाथा- एक लम्बी कविता', एक दिन बोलेंगे पेड़, मिट्टी का चेहरा, दो पंक्तियों के बीच, पतलून पहना आदमी धरती का कल्पतरु
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
राजेश जोशी की रचनाएँ

हम हर रात
पैर धोकर सोते है

        करवट होकर।
        छाती पर हाथ बाँधकर

चित्त
हम कभी नहीं सोते।

सोने से पहले
माँ
टुइयाँ के तकिये के नीचे

        सरौता रख देती है
        बिना नागा।

माँ कहती है
डरावने सपने इससे

        डर जाते है।


दिन-भर
फिरकनी-सी खटती
माँ
हमारे सपनों के लिए
कितनी चिन्तित है!

टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

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