साडेश्वर अभिलेख: Difference between revisions

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*यह प्रशस्ति [[उदयपुर]] के शमशान में स्थित सारणेश्वर महादेव के मंदिर में स्थित सभामंडप मे मिली थी।
*इस प्रशस्ति से वराह मंदिर की व्यवस्था, स्थानीय व्यापार, कर, शासकीय पदाधिकारियों आदि के विषय में पता चलता है। 
*गोपीनाथ शर्मा की मान्यता है कि मूलतः यह प्रशस्ति उदयपुर के आहड़ गाँव के किसी वराह मंदिर में लगी होगी। बाद में इसे वहाँ से हटाकर वर्तमान सारणेश्वर मंदिर के निर्माण के समय में सभा मंडप के छबने के काम में ले लिया गया हो।


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Latest revision as of 11:59, 14 December 2021

साडेश्वर अभिलेख अथवा 'सरणेश्वर प्रशस्ति' (अंग्रेज़ी: Sadeshwer Inscriptions) राजस्थान के इतिहास से सम्बंधित है। इस अभिलेख से वराह मंदिर की व्यवस्था, स्थानीय व्यापार कर, शासकीय पदाधिकारियों आदि के विषय में पता चलता है।[1]

  • यह प्रशस्ति उदयपुर के शमशान में स्थित सारणेश्वर महादेव के मंदिर में स्थित सभामंडप मे मिली थी।
  • इस प्रशस्ति से वराह मंदिर की व्यवस्था, स्थानीय व्यापार, कर, शासकीय पदाधिकारियों आदि के विषय में पता चलता है।
  • गोपीनाथ शर्मा की मान्यता है कि मूलतः यह प्रशस्ति उदयपुर के आहड़ गाँव के किसी वराह मंदिर में लगी होगी। बाद में इसे वहाँ से हटाकर वर्तमान सारणेश्वर मंदिर के निर्माण के समय में सभा मंडप के छबने के काम में ले लिया गया हो।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. राजस्थान के अभिलेख (हिंदी) govtexamsuccess.com। अभिगमन तिथि: 14 दिसम्बर, 2021।

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