ब्रह्मयज्ञ

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search

ब्रह्मयज्ञ का अर्थ वेदों और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन है। इन ग्रंथों को दूसरों को पढ़ाना यानि अध्यापन कार्य करना भी ब्रह्मयज्ञ है।

  • नियमित यह यज्ञ कर्म करने से बुद्धि बढ़ती है।
  • इस यज्ञ के द्वारा पवित्र विचारों का हृदय में उदय होता है।
  • गायत्री मंत्र के जाप से भी ब्रह्मयज्ञ पूर्ण होता है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः