भूषणयोजन कला: Difference between revisions
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Revision as of 10:22, 13 October 2011
जयमंगल के मतानुसार चौंसठ कलाओं में से यह एक कला है। इस कला के अन्तर्गत आभूषणों को धारण करना, जिनका प्रयोग अधिकतर स्त्रियाँ करती है और ईश्वर के श्रृंगार के रूप में भी किया जाता है।