अंगड़ खंगड़ - विशेषण (अनुध्वन्यात्मक)[1]
1. बचा खुचा, गिरा पड़ा, इधर उधर का।
2. टूटा फूटा।
- उदाहरण-
'अयोध्या की अंगड़ खंगड़ बीहड़ और बेढंगी बस्ती।'[2]
अंगड़ खंगड़ - संज्ञा पुल्लिंग
काठकबाड़, टूटा फूटा सामान।
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑
हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 05 |
- ↑ प्रेमघन सर्वस्व, भाग 2, पृ. 174
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