संविधान संशोधन- 20वाँ

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संविधान संशोधन- 20वाँ
विवरण 'भारतीय संविधान' का निर्माण 'संविधान सभा' द्वारा किया गया था। संविधान में समय-समय पर आवश्यकता होने पर संशोधन भी होते रहे हैं। विधायिनी सभा में किसी विधेयक में परिवर्तन, सुधार अथवा उसे निर्दोष बनाने की प्रक्रिया को ही 'संशोधन' कहा जाता है।
संविधान लागू होने की तिथि 26 जनवरी, 1950
20वाँ संशोधन 1966
संबंधित लेख संविधान सभा
अन्य जानकारी 'भारत का संविधान' ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली के नमूने पर आधारित है, किन्तु एक विषय में यह उससे भिन्न है। ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है, जबकि भारत में संसद नहीं; बल्कि 'संविधान' सर्वोच्च है।

भारत का संविधान (20वां संशोधन) अधिनियम, 1966

  • भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
  • यह संशोधन चन्द्रमोहन बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में उच्चतम न्यायालय के उस निर्णय के कारण आवश्यक हुआ, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य में ज़िला न्यायाधीशों की कतिपय नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया था।
  • एक नया अनुच्छेद 233क जोड़ा गया और राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया गया।


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