हम्मीरहठ

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Revision as of 07:54, 7 November 2017 by व्यवस्थापन (talk | contribs) (Text replacement - "शृंगार" to "श्रृंगार")
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)
Jump to navigation Jump to search

हम्मीरहठ चंद्रशेखर वाजपेयी की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण रचना है, जिस पर कवि की कीर्ति अवलंबित है। इसमें रणथंभौर के राजा हम्मीर और सुल्तान आलउद्दीन ख़िलजी के युद्ध का वर्णन बड़ी ही ओजपूर्ण शैली में किया गया है।

  • इस प्रसिद्ध रचना का प्रधान रस वीर है। वाराणसी के 'लहरी बुक डिपो' से यह प्रकाशित भी हो चुका है।
  • यद्यपि श्रृंगार की कविता करने में भी चंद्रशेखर बहुत ही प्रवीण थे, किन्तु इनकी कीर्ति को चिरकाल तक स्थिर रखने के लिए 'हम्मीरहठ' ही पर्याप्त है।
  • वीर रस के वर्णन में चंद्रशेखर वाजपेयी ने बहुत ही सुंदर साहित्यिक विवेक का परिचय दिया है। सूदन आदि के समान शब्दों की तड़ातड़ और भड़ाभड़ के फेर में न पड़कर उग्रोत्साह व्यंजक उक्तियों का ही अधिक सहारा इस कवि ने लिया है, जो वीर रस की जान है।
  • 'हम्मीरहठ' में वर्णनों के अनावश्यक विस्तार को, जिसमें वस्तुओं की बड़ी लंबी चौड़ी सूची भरी जाती है, स्थान नहीं दिया गया है। सारांश यह है कि वीर रस वर्णन की श्रेष्ठ प्रणाली का अनुसरण चंद्रशेखर वाजपेयी ने किया है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः