आँख पथराना
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation
Jump to search
आँख पथराना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।
अर्थ-
- मरणासत्र होने के समय पुतलियों का निश्चल होना।
- टक लगाकर राह देखते रहने के कारण आँखों का कठोर तथा निश्चल हो जाना।
टीका टिप्पणी और संदर्भ
संबंधित लेख
कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें
वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज