मन भारी होना
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मन भारी होना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।
अर्थ- मन में किसी प्रकार की अस्वस्थता का अनुभव या बोध होना।
प्रयोग- लड़को की बात-चीत से न जाने क्यों उसका मन भारी हो गया था। (गिरिधर गोपाल)
टीका टिप्पणी और संदर्भ
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