कान में रुई डालकर बैठना
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation
Jump to search
कान में रुई डालकर बैठना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।
अर्थ- किसी की बात सुनकर भी उस पर ध्यान न देना और चुप बने रहना।
प्रयोग- बैचारी कई बार संदेश भिजवा चुकी थी। हमारे जेठ कान में तेल डाले बैठे रहे। पर इनकी तो माँ जाई बहिन है। (यशपाल)
टीका टिप्पणी और संदर्भ
संबंधित लेख
कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें
वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज