नीलगिरि पहाड़ियाँ: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
No edit summary |
No edit summary |
||
Line 1: | Line 1: | ||
[[चित्र:Nilgiri-Hills.jpg|thumb|250px|नीलगिरि पहाड़ियाँ, [[तमिलनाडु]]]] | [[चित्र:Nilgiri-Hills.jpg|thumb|250px|नीलगिरि पहाड़ियाँ, [[तमिलनाडु]]]] | ||
*नीलगिरि पहाड़ियाँ, [[तमिलनाडु]] राज्य का पर्वतीय क्षेत्र है, दक्षिणी [[भारत]] में स्थित हैं। | *नीलगिरि पहाड़ियाँ, [[तमिलनाडु]] राज्य का पर्वतीय क्षेत्र है, दक्षिणी [[भारत]] में स्थित हैं। | ||
*नीलगिरि पहाड़ियों को '''ब्लूमाउण्टेन्स''' भी कहा जाता है। | |||
*नीलगिरि की चोटियाँ आसपास के मैदानी क्षेत्र से अचानक उठकर 1,800 से 2,400 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचती हैं; इनमें से एक 2,637 ऊँचा डोडाबेट्टा तमिलनाडु का शीर्ष बिन्दू है। | *नीलगिरि की चोटियाँ आसपास के मैदानी क्षेत्र से अचानक उठकर 1,800 से 2,400 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचती हैं; इनमें से एक 2,637 ऊँचा डोडाबेट्टा तमिलनाडु का शीर्ष बिन्दू है। | ||
*नीलगिरि पहाड़ियाँ पश्चिमी घाटी का हिस्सा हैं और [[नोयर नदी]] इन्हें [[कर्नाटक]] के पठार (उत्तर) तथा पालघाट घाटी इन्हें [[अन्नामलाई पहाड़ियाँ|अन्नामलाई]], [[पालनी पहाड़ियाँ|पालनी पहाड़ियों]] (दक्षिण) से अलग करती है। | *नीलगिरि पहाड़ियाँ पश्चिमी घाटी का हिस्सा हैं और [[नोयर नदी]] इन्हें [[कर्नाटक]] के पठार (उत्तर) तथा पालघाट घाटी इन्हें [[अन्नामलाई पहाड़ियाँ|अन्नामलाई]], [[पालनी पहाड़ियाँ|पालनी पहाड़ियों]] (दक्षिण) से अलग करती है। |
Revision as of 07:37, 14 September 2011
[[चित्र:Nilgiri-Hills.jpg|thumb|250px|नीलगिरि पहाड़ियाँ, तमिलनाडु]]
- नीलगिरि पहाड़ियाँ, तमिलनाडु राज्य का पर्वतीय क्षेत्र है, दक्षिणी भारत में स्थित हैं।
- नीलगिरि पहाड़ियों को ब्लूमाउण्टेन्स भी कहा जाता है।
- नीलगिरि की चोटियाँ आसपास के मैदानी क्षेत्र से अचानक उठकर 1,800 से 2,400 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचती हैं; इनमें से एक 2,637 ऊँचा डोडाबेट्टा तमिलनाडु का शीर्ष बिन्दू है।
- नीलगिरि पहाड़ियाँ पश्चिमी घाटी का हिस्सा हैं और नोयर नदी इन्हें कर्नाटक के पठार (उत्तर) तथा पालघाट घाटी इन्हें अन्नामलाई, पालनी पहाड़ियों (दक्षिण) से अलग करती है।
- नीलगिरि पहाड़ियाँ आसपास के मैदानी क्षेत्र के मुक़ाबले ठंडी और नम हैं।
- ऊपरी पहाड़ियाँ लहरदार घास के क्षेत्रों का निर्माण करती है।
- इन पर चाय, सिनकोना (पेड़ और झाड़ियाँ, जिनकी छाल से कुनैन मिलता है), कॉफ़ी और सब्ज़ियों की व्यापक खेती होती है।
|
|
|
|
|