हेमचंद्र रायचौधरी: Difference between revisions
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*उनके पिता का नाम मनोरंजन रायचौधरी था, जो एक ज़मींदार थे। | *उनके पिता का नाम मनोरंजन रायचौधरी था, जो एक ज़मींदार थे। | ||
*हेमचंद्र रायचौधरी की पत्नी का नाम तरंगिनी देवी था। | *हेमचंद्र रायचौधरी की पत्नी का नाम तरंगिनी देवी था। | ||
*उन्होंने बंगवासी कॉलेज, [[कलकत्ता]] में (1913-1914) में एक व्याख्याता के रूप में शिक्षण कार्य किया। | *उन्होंने बंगवासी कॉलेज, [[कलकत्ता]] में ([[1913]]-[[1914]]) में एक व्याख्याता के रूप में शिक्षण कार्य किया। | ||
*इसके तुरंत बाद वह 'बंगाल शिक्षा सेवा' में शामिल हो गए और (1914-1916) तक प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में व्याख्याता के रूप में रहे। | *इसके तुरंत बाद वह 'बंगाल शिक्षा सेवा' में शामिल हो गए और ([[1914]]-[[1916]]) तक प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में व्याख्याता के रूप में रहे। | ||
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Revision as of 05:10, 8 April 2018
हेमचंद्र रायचौधरी
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पूरा नाम | हेमचंद्र रायचौधरी |
जन्म | 8 अप्रैल, 1892 |
जन्म भूमि | पोनाबलिया, झलोकटी ज़िला (अब बांग्लादेश में) |
मृत्यु | 4 मई 1957 |
मृत्यु स्थान | कलकत्ता (अब कोलकाता) |
अभिभावक | मनोरंजन रायचौधरी (पिता) |
कर्म भूमि | भारत |
कर्म-क्षेत्र | इतिहासकार |
नागरिकता | भारतीय |
अन्य जानकारी | ये 'भारत प्राचीन इतिहास' पर अपने ज्ञान के लिए जाने जाते हैं। |
बाहरी कड़ियाँ | आधिकारिक वेबसाइट |
इन्हें भी देखें | कवि सूची, साहित्यकार सूची |
हेमचंद्र रायचौधरी (अंग्रेज़ी: Hemchandra Raychaudhuri, जन्म: 8 अप्रैल, 1892; मृत्यु: 4 मई 1957) एक भारतीय इतिहासकार थे, जो 'भारत प्राचीन इतिहास' पर अपने ज्ञान के लिए जाने जाते हैं।
- उनके पिता का नाम मनोरंजन रायचौधरी था, जो एक ज़मींदार थे।
- हेमचंद्र रायचौधरी की पत्नी का नाम तरंगिनी देवी था।
- उन्होंने बंगवासी कॉलेज, कलकत्ता में (1913-1914) में एक व्याख्याता के रूप में शिक्षण कार्य किया।
- इसके तुरंत बाद वह 'बंगाल शिक्षा सेवा' में शामिल हो गए और (1914-1916) तक प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में व्याख्याता के रूप में रहे।
- 1916 में उन्हें गवर्नमेंट कॉलेज, चटगांव में स्थानांतारित किया गया।
- उन्हें 1921 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से 'प्राचीन भारतीय इतिहास' में पी.एच.डी. से सम्मानित किया गया।
कृतियाँ
- मेटेरियल फ़ॉर द स्टोरी ऑफ़ द अरली हिस्ट्री ऑफ़ द वैष्णव सेक्शन (Materials for the Study of the Early History of the Vaishnava Sect, Calcutta: University of Calcutta (1920)')
- पॉलिटिकल हिस्ट्री ऑफ़ एनसियेंट इंडिया (Political History of Ancient India: From the Accession of Parikshit to the Extinction of the Gupta Dynasty, Calcutta: University of Calcutta (1923)
- स्टडीज़ इन इंडियन एंटीकुटीएज (Studies in Indian Antiquities, Calcutta: University of Calcutta (1932)
- विक्रमादित्य इन हिस्ट्री एंड लेजेंड (Vikramaditya in History and Legend, Vikrama-volume, Scindia Oriental Institute (1948)
- एन एडवांस हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया ( An Advanced History of India (Madras, 1946; last reprint in 1981) (authored with R.C. Majumdar and Kalikinkar Datta))
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
संबंधित लेख