वसंतदादा पाटिल: Difference between revisions
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*उन्होंने [[1985]] से [[1987]] तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। | *उन्होंने [[1985]] से [[1987]] तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। | ||
*सन [[1978]] में [[फ़रवरी]] में महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस (एस) को 69 सीटें मिली थीं और कांग्रेस (आई) को 65 सीटें हासिल हुई थीं। [[जनता पार्टी]] ने 99 सीटों पर | *सन [[1978]] में [[फ़रवरी]] में महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस (एस) को 69 सीटें मिली थीं और कांग्रेस (आई) को 65 सीटें हासिल हुई थीं। [[जनता पार्टी]] ने 99 सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया था। तीनों ही दल अपने दम पर सरकार गठन की स्थिति में नहीं थे। इस पर कांग्रेस के ही दोनों धड़ों ने साथ आने का फैसला लिया था। लेकिन [[शरद पवार]] ने 38 कांग्रेस विधायकों को साथ लेकर जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली। उनकी यह सरकार दो साल चली थी।<ref>{{cite web |url=https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/mumbai/politics/maharashtra-government-ajit-pawars-move-gives-pawar-same-experience-as-vasantdada-says-shalini-patil/articleshow/72213206.cms |title=वसंतदादा पाटील की पत्नी बोलीं, शरद पवार ने जैसा किया था, वैसा ही उनके साथ अजित पवार ने किया|accessmonthday=28 जुलाई|accessyear=2020 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=navbharattimes.indiatimes.com |language=हिंदी}}</ref> | ||
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thumb|250px|वंसतदादा पाटिल
वसंतराव बंधुजी 'वसंतदादा' पाटिल (अंग्रेज़ी: Vasantrao Banduji 'Vasantdada' Patil, जन्म- 13 नवंबर, 1917; मृत्यु- 1 मार्च, 1989) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञों में से एक थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहने के बाद वह राजस्थान के राज्यपाल रहे।
- वंसतदादा पाटिल 17 मई, 1977 से 5 मार्च, 1978 तक, इसके बाद 5 मार्च, 1978 से 18 जुलाई, 1978 तक और फिर 2 फ़रवरी, 1983 से 1 जून, 1985 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे।
- उन्होंने 1985 से 1987 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया।
- सन 1978 में फ़रवरी में महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस (एस) को 69 सीटें मिली थीं और कांग्रेस (आई) को 65 सीटें हासिल हुई थीं। जनता पार्टी ने 99 सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया था। तीनों ही दल अपने दम पर सरकार गठन की स्थिति में नहीं थे। इस पर कांग्रेस के ही दोनों धड़ों ने साथ आने का फैसला लिया था। लेकिन शरद पवार ने 38 कांग्रेस विधायकों को साथ लेकर जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली। उनकी यह सरकार दो साल चली थी।[1]
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ वसंतदादा पाटील की पत्नी बोलीं, शरद पवार ने जैसा किया था, वैसा ही उनके साथ अजित पवार ने किया (हिंदी) navbharattimes.indiatimes.com। अभिगमन तिथि: 28 जुलाई, 2020।
संबंधित लेख
क्रमांक | राज्य | मुख्यमंत्री | तस्वीर | पार्टी | पदभार ग्रहण |