Difference between revisions of "इतिहास सामान्य ज्ञान 10"

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{आरंभिक वैदिक साहित्य में सर्वाधिक वर्णित नदी है?  
 
{आरंभिक वैदिक साहित्य में सर्वाधिक वर्णित नदी है?  
 
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{[[आर्य]] [[भारत]] में संभवतः आये?
 
|type="()"}
 
-[[यूरोप]] से
 
+मध्य [[एशिया]] से
 
-पूर्वी एशिया से
 
-अन्य क्षेत्रों से
 
 
{कौन-सा [[वेद]] अंशतः गद्य रूप में भी रचित है?
 
|type="()"}
 
-[[ऋग्वेद]]
 
+[[यजुर्वेद]]
 
-[[सामवेद]]
 
-[[अथर्ववेद]]
 
||[[चित्र:Yajurveda.jpg|right|100px|यजुर्वेद का आवरण पृष्ठ]] 'यजुष' शब्द का अर्थ है- '[[यज्ञ]]'। यर्जुवेद मूलतः कर्मकाण्ड ग्रन्थ है। इसकी रचना [[कुरुक्षेत्र]] में मानी जाती है। यजुर्वेद में आर्यो की धार्मिक एवं सामाजिक जीवन की झांकी मिलती है। इस ग्रन्थ से पता चलता है कि [[आर्य]] 'सप्त सैंधव' से आगे बढ़ गए थे और वे प्राकृतिक पूजा के प्रति उदासीन होने लगे थे। यर्जुवेद के मंत्रों का उच्चारण 'अध्वुर्य' नामक पुरोहित करता था।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[यजुर्वेद]]
 
 
{'सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियाँ थी' का उल्लेख किस [[वेद]] में मिलता है?
 
|type="()"}
 
-[[ऋग्वेद]] में
 
-[[यजुर्वेद]] में
 
-[[सामवेद]] में 
 
+[[अथर्ववेद]] में
 
||[[चित्र:Atharvaveda.jpg|right|100px||अथर्ववेद का आवरण पृष्ठ]] [[अथर्ववेद]] की [[भाषा]] और स्वरूप के आधार पर ऐसा माना जाता है कि इस [[वेद]] की रचना सबसे बाद में हुई। अथर्ववेद के दो पाठों (शौनक और पैप्पलद) में संचरित हुए लगभग सभी स्तोत्र ॠग्वेदीय स्तोत्रों के छंदों में रचित हैं। दोनो वेदों में इसके अतिरिक्त अन्य कोई समानता नहीं है।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[अथर्ववेद]]
 
 
{[[ब्राह्मण]] ग्रंथों में सर्वाधिक प्राचीन कौन है?
 
|type="()"}
 
-[[ऐतरेय ब्राह्मण]]
 
+[[शतपथ ब्राह्मण]]
 
-[[गोपथ ब्राह्मण]]
 
-पंचविश ब्राह्मण
 
||शतपथ ब्राह्मण शुक्ल [[यजुर्वेद]] के दोनों शाखाओं काण्व व माध्यन्दिनी से सम्बद्ध है। यह सभी [[ब्राह्मण]] ग्रन्थों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसके रचयिता [[याज्ञवल्क्य]] को माना जाता है। शतपथ के अन्त में उल्लेख है- 'ष्आदिन्यानीमानि शुक्लानि यजूशि बाजसनेयेन याज्ञावल्येन ख्यायन्ते।' शतपथ ब्राह्मण में 14 काण्ड हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के [[यज्ञ|यज्ञों]] का पूर्ण एवं विस्तृत अध्ययन मिलता है। 6 से 10 काण्ड तक को शाण्डिल्य काण्ड कहते हैं।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[शतपथ ब्राह्मण]]
 
 
{'गोत्र' व्यवस्था प्रचलन में कब आई?
 
|type="()"}
 
-ऋग्वैदिक काल में
 
+उत्तर-वैदिक काल में
 
-महाकाव्य काल में
 
-सूत्रकाल में
 
 
{वैदिक [[युग]] में 'यव' कहा जाता था?
 
|type="()"}
 
-[[गेहूँ]] को
 
+जौ को
 
-[[चावल]] को
 
-इनमें से कोई नहीं
 
 
{प्राचीनतम व्याकरण '[[अष्टाध्यायी]]' के रचनाकार हैं?
 
|type="()"}
 
-[[गौतम ऋषि|गौतम]]
 
-[[कपिल मुनि|कपिल]]
 
-[[पतंजलि]]
 
+[[पाणिनि]]
 
||पाणिनि (500 ई पू) [[संस्कृत]] व्याकरण शास्त्र के सबसे बड़े प्रतिष्ठाता और नियामक आचार्य थे। इनका जन्म [[पंजाब]] के शालातुला में हुआ था जो आधुनिक पेशावर ([[पाकिस्तान]]) के क़रीब तत्कालीन उत्तर पश्चिम [[भारत]] के [[गांधार]] में हुआ था। इनका जीवनकाल 520-460 ईसा पूर्व माना जाता है। इनके व्याकरण को [[अष्टाध्यायी]] कहते हैं।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[पाणिनि]]
 
 
{निम्न में से कौन-सी स्मृति प्राचीनतम है?
 
|type="()"}
 
+[[मनुस्मृति]]
 
-याज्ञवल्क्य स्मृति
 
-[[नारद स्मृति]]
 
-[[पाराशर स्मृति]]
 
||भारत में [[वेद|वेदों]] के उपरान्त सर्वाधिक मान्यता और प्रचलन ‘मनुस्मृति’ का ही है । इसमें चारों वर्णों, चारों आश्रमों, [[हिन्दू धर्म संस्कार|सोलह संस्कारों]] तथा सृष्टि उत्पत्ति के अतिरिक्त राज्य की व्यवस्था, राजा के कर्तव्य, भांति-भांति के विवादों, सेना का प्रबन्ध आदि उन सभी विषयों पर परामर्श दिया गया है जो कि मानव मात्र के जीवन में घटित होने सम्भव हैं यह सब धर्म-व्यवस्था वेद पर आधारित है।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[मनुस्मृति]] 
 
 
{'आदि काव्य' की संज्ञा किसे दी जाती है?
 
|type="()"}
 
+[[रामायण]]
 
-[[महाभारत]]
 
-[[गीता]]
 
-[[भागवत पुराण]]
 
||[[चित्र:Ramayana.jpg|रामायण|right|80px]] रामायण कवि [[वाल्मीकि]] द्वारा लिखा गया [[संस्कृत]] का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके 24,000 [[श्लोक]] [[हिन्दू]] [[स्मृतियाँ|स्मृति]] का वह अंग हैं जिसके माध्यम से [[रघुवंश]] के राजा [[राम]] की गाथा कही गयी।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[रामायण]]
 
 
{[[ऋग्वेद]] में सबसे पवित्र नदी किसे माना गया है?
 
|type="()"}
 
-[[सिन्धु नदी|सिन्धु]] 
 
+[[सरस्वती नदी|सरस्वती]]
 
-परुष्णी
 
-शतुद्रि
 
||[[चित्र:Saraswati-River.png|सरस्वती नदी|right|100px]]कई भू-विज्ञानी मानते हैं, और [[ॠग्वेद]] में भी कहा गया है, कि हज़ारों साल पहले [[सतलुज नदी|सतलुज]] (जो [[सिन्धु नदी|सिन्धु]] नदी की सहायक नदी है) और [[यमुना नदी|यमुना]] (जो [[गंगा नदी|गंगा]] की सहायक नदी है) के बीच एक विशाल नदी थी जो [[हिमालय]] से लेकर [[अरब सागर]] तक बहती थी। आज ये भूगर्भी बदलाव के कारण सूख गयी है। ऋग्वेद में, इस नदी सरस्वती को 'नदीतमा' की उपाधि दी गयी है। उस सभ्यता में सरस्वती ही सबसे बड़ी और मुख्य नदी थी, गंगा नहीं।{{point}} अधिक जानकारी के लिए देखें:- [[सरस्वती नदी]]
 
 
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Revision as of 05:30, 16 May 2011

samany jnan prashnottari
rajyoan ke samany jnan
Bulbgraph.png is samany jnan prashnottari mean kul 15 prashn haian. ise hal karane ke uparaant panne ke niche ki or "parinam dekhean" par klik karean aur uttaroan ka milan karean sath hi arjit aank bhi dekhean.

panne par jaean
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1 aranbhik vaidik sahity mean sarvadhik varnit nadi hai?

sindhu
shatudri
sarasvati
ganga

2 upanishad kal ke raja ashvapati shasak the?

kashi ke
kekay ke
paanchal ke
videh ke

3 vaidik nadi kubha (kabul) ka sthan kahaan nirdharit hona chahie?

afaganistan mean
chini turkistan mean
kashmir mean
panjab mean

4 bharat ke kis sthal ki khudaee se lauh dhatu ke prachalan ke prachinatam praman mile haian?

takshashila
ataranjikhe da
kaushambi
hastinapur

5 nimnalikhit mean kisaka sankalan rrigved par adharit hai?

yajurved
samaved
atharvaved
inamean se koee nahian

6 nimnaankit mean kaun 'prasthanatrayi' mean shamil nahian hai?

bhagavat
bhagavadgita
brahmasootr
upanishad

7 karm ka siddhaant sanbandhit hai?

nyay se
mimaansa se
vedaant se
vaisheshik se

8 'charak sanhita' namak pustak kis vishay se sanbandhit hai?

arthashastr
rajaniti
chikitsa
dharm

9 yajn sanbandhi vidhi-vidhanoan ka pata chalata hai?

rrigved se
samaved se
brahman granthoan se
yajurved se

10 vaidik yug mean prachalit lokapriy shasan pranali thi?

nirankush
prajatantr
ganatantr
vanshanugat rajatantr

11 nimnalikhit mean se kaun bharatiy darshan ki aranbhik vicharadhara hai?

saankhy
vaisheshik
mimaansa
yog

12 nimnalikhit mean vah dastakari kaun-si hai jo aryoan dvara vyavahar mean nahian laee gee thi?

mridabhaand (p aautari)
abhooshan
badheegiri (kashthakarita)
luhar (luharagiri)

13 kis ved mean jaduee maya aur vashikaran ka varnan hai?

rrigved
yajurved
samaved
atharvaved

14 'ary' shabd iangit karata hai?

nrijati samooh ko
yayavari jan ko
bhasha samooh ko
shreshth vansh ko

15 rrigved mean kul kitane mandal haian?

7
8
9
10

panne par jaean
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samany jnan prashnottari
rajyoan ke samany jnan