नेत्रपाल हुड्डा

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thumb|200px|नेत्रपाल हुड्डा नेत्रपाल हुड्डा (अंग्रेज़ी: Netrapal Hudda) भारतीय पूर्व पहलवान रहे हैं। वह वर्ष 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भी अपने जौहर दिखा चुके हैं। वर्ष 1973 में मेहर सिंह पहलवान को चित कर उन्होंने ‘भारत केसरी’ का पुरस्कार प्राप्त किया था। नेत्रपाल्ल हुड्डा की उपलब्धियों के लिये वर्ष 2020 में उन्हें एशियाई खेलों व राष्ट्रमंडल खेलों के सर्वोच्च सम्मान 'ध्यानचंद पुरस्कार' से पुरस्कृत किया गया।

  • नेत्रपाल हुड्डा 18 वर्ष की आयु में ही भारतीय सेना में सिपाही के रूप में भर्ती हुए थे। वर्ष 1965 में उनकी पोस्टिंग असम में हुई।
  • पहलवान नेत्रपाल हुड्डा ने 1970 में बैंकॉक में आयोजित एशियन गेम्स में कुश्ती के 74 किलो भार वर्ग में फ्री स्टाइल वर्ग में कांस्य पदक, 1974 में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में फ्री स्टाइल 82 किलो भार वर्ग में रजत पदक, वर्ष 1970 से लेकर 1982 तक लगातार राष्ट्रीय खेल पदक प्राप्त करने तथा वर्ष 1968, 1969, 1970, 1974, 19751976 में नेशनल चैंपियन रहे हैं।
  • गांव दयालपुर, फ़रीदानाद, हरियाणा में जन्मे नेत्रपाल हुड्डा ने सेना में ही रहते हुए प्रसिद्ध पहलवान कैप्टन स्व. चांदरूप से कुश्ती के दांव पेंच सीखे। पंजाब के अमृतसर में वर्ष 1972 में 'रुस्तम-ए-हिन्द' और 1973 में मेहर सिंह पहलवान को हराकर 'भारत केसरी' से सम्मानित हुए थे।


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