गाजीदास
गाजीदास (अंग्रेज़ी: Ghazidas) सतनामी पंथ के पुनरुद्धारक जगजीवनदास के शिष्य थे।[1]
- निर्गुण धारा के सुधारक पंथों में सतनामी पंथ प्रमुख है। यद्यपि इस पंथ के आरंभ का विवरण नहीं मिलता, किंतु महात्मा जगजीवनदास, जिनका समय संवत 1800 के आसपास माना जाता है, इस पंथ के पुनरुद्धारक थे। इन्हीं की शिष्य परंपरा में गाजीदास हुए।
- गाजीदास जी का जन्म छत्तीसगढ़ के एक चमार परिवार में हुआ था।
- उन्होंने आज से लगभग डेढ़ सौ वर्ष पहले सतनामी पंथ को पुनर्गठित किया।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ भारतीय संस्कृति कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: राजपाल एंड सन्ज, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 279 |
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