सुहास पांडुरंग सुखात्मे: Difference between revisions

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
[unchecked revision][unchecked revision]
(''''सुहास पांडुरंग सुखात्मे''' (अंग्रेज़ी: ''Suhas Pandurang Sukhatme''...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
 
No edit summary
 
Line 1: Line 1:
[[चित्र:Suhas-Pandurang-Sukhatme.jpeg|thumb|250px|सुहास पांडुरंग सुखात्मे]]
'''सुहास पांडुरंग सुखात्मे''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Suhas Pandurang Sukhatme'', जन्म- [[5 नवम्बर]], [[1938]]) भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक और [[भारत सरकार]] के परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। वह गर्मी हस्तांतरण और ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें साल [[2001]] में [[भारत सरकार]] द्वारा [[पद्म श्री]] से सम्मानित किया गया था।<br />
'''सुहास पांडुरंग सुखात्मे''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Suhas Pandurang Sukhatme'', जन्म- [[5 नवम्बर]], [[1938]]) भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक और [[भारत सरकार]] के परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। वह गर्मी हस्तांतरण और ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें साल [[2001]] में [[भारत सरकार]] द्वारा [[पद्म श्री]] से सम्मानित किया गया था।<br />
<br />
<br />

Latest revision as of 11:44, 19 January 2022

thumb|250px|सुहास पांडुरंग सुखात्मे सुहास पांडुरंग सुखात्मे (अंग्रेज़ी: Suhas Pandurang Sukhatme, जन्म- 5 नवम्बर, 1938) भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक और भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। वह गर्मी हस्तांतरण और ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें साल 2001 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

  • सुहास पांडुरंग सुखात्मे का जन्म 5 नवंबर, 1938 को महाराष्ट्र में इंदुमती सुखात्मे और पांडुरंग वासुदेव सुखात्मे जो एक प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता थे, के घर हुआ था।
  • सन 1958 में सुहास पांडुरंग सुखात्मे ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वाराणसी से इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की।
  • उन्होंने 1960 में मास्टर डिग्री (एसएम), 1961 में इंजीनियरिंग में उच्च डिग्री और 1964 में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की।
  • एमआईटी में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने एक शोध सहायक के रूप में भी काम किया। वे डायनाटेक कॉर्पोरेशन चले गए जहां उन्होंने एक साल तक स्टाफ इंजीनियर के रूप में काम किया।
  • सन 1965 में वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई में शामिल होने के लिए भारत लौट आए।
  • आईआईटी बॉम्बे से सेवानिवृत्ति के बाद सुहास पांडुरंग सुखात्मे ने साल 2000 से 2005 तक भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में काम किया।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख