न्हैचिया: Difference between revisions
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[[चित्र:Nhaichiya.jpg|thumb|न्हैचिया]] | [[चित्र:Nhaichiya.jpg|thumb|सिंचाई के दौरान न्हैचिया पर चलते बैल]] | ||
'''न्हैचिया''' उस ढलान को कहते थे जिस पर चलकर बैल प्राचीन समय में खेतों में सिंचाई के दौरान '[[चर्स]]' या 'पुर' द्वारा पानी खींचते थे। कई जगहों पर आज भी इस तरह से सिंचाई की जाती है।<ref>भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी जी की फ़ेसबुक वॉल से उद्धृत </ref> | '''न्हैचिया''' उस ढलान को कहते थे जिस पर चलकर बैल प्राचीन समय में खेतों में सिंचाई के दौरान '[[चर्स]]' या 'पुर' द्वारा पानी खींचते थे। कई जगहों पर आज भी इस तरह से सिंचाई की जाती है।<ref>भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी जी की फ़ेसबुक वॉल से उद्धृत </ref> | ||
Latest revision as of 12:14, 25 November 2014
thumb|सिंचाई के दौरान न्हैचिया पर चलते बैल न्हैचिया उस ढलान को कहते थे जिस पर चलकर बैल प्राचीन समय में खेतों में सिंचाई के दौरान 'चर्स' या 'पुर' द्वारा पानी खींचते थे। कई जगहों पर आज भी इस तरह से सिंचाई की जाती है।[1]
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी जी की फ़ेसबुक वॉल से उद्धृत