कोकनद
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation
Jump to search
कोकनद का उल्लेख महाभारत, सभापर्व में हुआ है-
'ततस्त्रिगर्ता: कौंतेयंदार्वा: कोकनदास्तथा, क्षत्रिया बहवो राजननुपाइवर्तन्त सर्वश:'[1]
- कुन्ती पुत्र अर्जुन ने कोकनद जनपद को त्रिगर्त और दार्व प्रदेशों के साथ ही जीता था।
- कोकनद की स्थिति इस प्रकार जालंधर द्वाब (पंजाब) के निकट होनी चाहिए।[2]
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
संबंधित लेख
वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज
Retrieved from "https://en.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=कोकनद&oldid=289347"