गांगाणी: Difference between revisions
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Latest revision as of 11:38, 24 August 2016
गांगाणी
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[[चित्र:Parshvanath-Gangani.jpg|पार्श्वनाथ की प्रतिमा|200px|center]]
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विवरण | 'गांगाणी' राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है, जो जोधपुर ज़िले में स्थित है। यह जैन धर्म के अनुयायियों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। |
राज्य | राजस्थान |
ज़िला | जोधपुर |
प्रसिद्धि | जैन धार्मिक स्थल |
संबंधित लेख | राजस्थान, जोधपुर, राजस्थान पर्यटन, जैन धर्म, विक्रम संवत, ज्येष्ठ, शुक्ल, होली
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अन्य जानकारी | यहाँ पर प्रतिवर्ष होली के बाद चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी और पार्श्वनाथ के जन्म कल्याणक का मेला पौष दशमी को लगता है। |
गांगाणी जोधपुर ज़िला, राजस्थान में स्थित जैन धर्म के अनुयायियों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहाँ जैनों का प्राचीन मंदिर है, जिसमें तीर्थंकर पार्श्वनाथ की प्रतिमा स्थापित है। गांगाणी, जोधपुर रेलवे स्टेशन से 36 किलोमीटर की दूरी पर जोधपुर-भोपालगढ़ सड़क मार्ग पर स्थित है।
- प्राचीन समय में गांगाणी एक विराट नगरी के रूप में प्रसिद्ध थी।
- विक्रम संवत 1662, ज्येष्ठ शुक्ल 12 के दिन यहाँ दुधेला तालाब के पास 'खोखर' नामक मन्दिर के एक तलघर से 65 प्रतिमाएँ निकाली गई थीं, जो सम्भंवत: आक्रमणकारियो के भय से भूमिगत कर दी गई थीं।
- विक्रम संवत की बाहरवीं शताब्दी मे भुरटों ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया था।
- यहाँ पर प्रतिवर्ष होली के बाद चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी और पार्श्वनाथ के जन्म कल्याणक का मेला पौष दशमी को लगता है।
- यात्रियों की सुविधाओं के लिए यहाँ धर्मशालाएँ आदि हैं, जहाँ पानी, बिजली और भोजन आदि की समुचित व्यवस्था है।
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