सहकार (सूक्तियाँ)

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
क्रमांक सूक्तियाँ सूक्ति कर्ता
(1) बिना सहकार, नहीं उद्धार । उतिष्ठ, जाग्रत्, प्राप्य वरान् अनुबोधयत् । (उठो, जागो और श्रेष्ठ जनों को प्राप्त कर (स्वयं को) बुद्धिमान बनाओ।)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख


वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः