अच्युत (कृष्ण): Difference between revisions

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*[[श्रीकृष्ण]] साधारण व्यक्ति न होकर युग पुरुष थे। उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभा सम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नही, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका '[[गीता]]' ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है।
*[[श्रीकृष्ण]] साधारण व्यक्ति न होकर युग पुरुष थे। उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभा सम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नही, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका '[[गीता]]' ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है।
*भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति लगभग सारे [[भारत]] में किसी न किसी रूप में की जाती है।
*भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति लगभग सारे [[भारत]] में किसी न किसी रूप में की जाती है।
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|+ श्रीकृष्ण के अन्य नाम
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|[[विष्टरश्रवस्]]
|[[जिन (विष्णु)|जिन]]
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|[[केशव (विष्णु)|केशव]]
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|[[पीताम्बर (विष्णु)|पीताम्बर]]
|[[मुकुन्द]]
|[[शार्गिं]]
|[[विष्वक्सेन]]
|[[जनार्दन]]
|[[दामोदर]]
|[[इन्द्रावरज]]
|[[चक्रपाणि]]
|-
|[[चतुर्भुज]]
|[[पद्मानाभ]]
|[[मधुरिपु]]
|[[भीम (विष्णु)|भीम]]
|[[त्रिविक्रम]]
|[[देवकीनन्दन (विष्णु)|देवकीनन्दन]]
|[[शौरि]]
|[[श्रीपति]]
|-
|[[पुरुषोत्तम (विष्णु)|पुरुषोत्तम]]
|[[वनमालिन्]]
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|[[कंसाराति]]
|[[अधोक्षज]]
|[[विश्वम्भर]]
|[[कैटभजित्]]
|[[विधु (विष्णु)|विधु]]
|-
|[[श्रीवत्सलाञ्छन]]
|[[पुराणपुरुष]]<ref>अन्य पुस्तकों में 'पुराणपुरुष' से लेकर 'मुदमर्दन' तक श्लोक नहीं है, अतः वहाँ केवल 39 ही नाम गिनाये गए हैं।</ref>
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|[[नरकान्तक]]
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|[[विश्वरूप (विष्णु)|विश्वरूप]]
|[[उपेन्द्र (विष्णु)|उपेन्द्र]]
|[[मुरमर्दन (विष्णु)|मुरमर्दन]]
|}





Revision as of 09:56, 2 August 2016

चित्र:Disamb2.jpg कृष्ण एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- कृष्ण (बहुविकल्पी)
संक्षिप्त परिचय
अच्युत (कृष्ण)
अन्य नाम द्वारिकाधीश, केशव, गोपाल, नंदलाल, बाँके बिहारी, कन्हैया, गिरधारी, मुरारी आदि
अवतार सोलह कला युक्त पूर्णावतार (विष्णु)
वंश-गोत्र वृष्णि वंश (चंद्रवंश)
कुल यदुकुल
पिता वसुदेव
माता देवकी
पालक पिता नंदबाबा
पालक माता यशोदा
जन्म विवरण भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी
समय-काल महाभारत काल
परिजन रोहिणी (विमाता), बलराम (भाई), सुभद्रा (बहन), गद (भाई)
गुरु संदीपन, आंगिरस
विवाह रुक्मिणी, सत्यभामा, जांबवती, मित्रविंदा, भद्रा, सत्या, लक्ष्मणा, कालिंदी
संतान प्रद्युम्न
विद्या पारंगत सोलह कला, चक्र चलाना।
रचनाएँ 'गीता'
शासन-राज्य द्वारिका
संदर्भ ग्रंथ 'महाभारत', 'भागवत', 'छान्दोग्य उपनिषद'
मृत्यु पैर में बाण लगने के कारण।
यशकीर्ति गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा उँगली पर धारण किया, कंस का वध करके उग्रसेन को मथुरा का राजा बनाया, द्रौपदी के चीरहरण के समय उसकी रक्षा की।
संबंधित लेख वसुदेव, देवकी, नंदबाबा, यशोदा, राधा, मीरां उद्धव, सुदामा, अर्जुन, गोपी, रासलीला

हिन्दू पौराणिक ग्रंथों के अनुसार अच्युत भगवान श्रीकृष्ण के नामों में से एक है।

  • कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार माने जाते हैं।
  • श्रीकृष्ण साधारण व्यक्ति न होकर युग पुरुष थे। उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभा सम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नही, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका 'गीता' ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है।
  • भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति लगभग सारे भारत में किसी न किसी रूप में की जाती है।
श्रीकृष्ण के अन्य नाम
उग्र शर्व भगवत् नारायण कृष्ण वैकुण्ठ विष्टरश्रवस् जिन
ह्रषिकेश केशव माधव स्वभू दैत्यारि पुण्डरीकाक्ष गोविन्द गरुड़ध्वज
पीताम्बर मुकुन्द शार्गिं विष्वक्सेन जनार्दन दामोदर इन्द्रावरज चक्रपाणि
चतुर्भुज पद्मानाभ मधुरिपु भीम त्रिविक्रम देवकीनन्दन शौरि श्रीपति
पुरुषोत्तम वनमालिन् बलिध्वंसिन् कंसाराति अधोक्षज विश्वम्भर कैटभजित् विधु
श्रीवत्सलाञ्छन पुराणपुरुष[1] यज्ञपुरुष नरकान्तक जलशायिन् विश्वरूप उपेन्द्र मुरमर्दन


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प्रारम्भिक
माध्यमिक
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शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. अन्य पुस्तकों में 'पुराणपुरुष' से लेकर 'मुदमर्दन' तक श्लोक नहीं है, अतः वहाँ केवल 39 ही नाम गिनाये गए हैं।

महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 10 |


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