दुर्लभ वर्धन: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
व्यवस्थापन (talk | contribs) m (Text replace - "==टीका टिप्पणी और संदर्भ==" to "{{संदर्भ ग्रंथ}} ==टीका टिप्पणी और संदर्भ==") |
No edit summary |
||
(2 intermediate revisions by 2 users not shown) | |||
Line 1: | Line 1: | ||
'''दुर्लभ वर्धन''' सातवीं शताब्दी ई. में [[कश्मीर]] के [[कर्कोटक वंश]] का प्रवर्तक था। चीनी वृत्तों में इसे 'तु-लोन-प' कहा जाता है। | |||
*कर्कोटक वंश ने 855 ई. तक कश्मीर पर राज्य किया था। | |||
*दुर्लभ वर्धन द्वारा स्थापित वंश के बाद [[उत्पल वंश]] का शासन कश्मीर पर स्थापित हुआ। | |||
*चीनी वृत्तों में दुर्लभ वर्धन को 'तु-लोन-प' नाम से पुकारा गया है। | |||
*[[कर्कोटक वंश]] के प्रसिद्ध राजाओं में ललितादित्य तथा जयापीड [[विनयादित्य]] का नाम मुख्य रूप से लिया जाता है। | |||
*प्रसिद्ध चीनी यात्री [[ह्वेनसांग]] दुर्लभ वर्धन के समय में कश्मीर आया था। | |||
{{लेख प्रगति |आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }} | |||
{{लेख प्रगति | |||
|आधार= | |||
|प्रारम्भिक= | |||
|माध्यमिक= | |||
|पूर्णता= | |||
|शोध= | |||
==टीका टिप्पणी और संदर्भ== | ==टीका टिप्पणी और संदर्भ== | ||
<references/> | <references/> | ||
Line 18: | Line 13: | ||
{{कर्कोटक वंश}} | {{कर्कोटक वंश}} | ||
{{भारत के राजवंश}} | {{भारत के राजवंश}} | ||
[[Category:इतिहास_कोश]] | [[Category:कर्कोटक वंश]][[Category:भारत के राजवंश]][[Category:इतिहास_कोश]] | ||
__INDEX__ | __INDEX__ |
Latest revision as of 13:32, 13 April 2013
दुर्लभ वर्धन सातवीं शताब्दी ई. में कश्मीर के कर्कोटक वंश का प्रवर्तक था। चीनी वृत्तों में इसे 'तु-लोन-प' कहा जाता है।
- कर्कोटक वंश ने 855 ई. तक कश्मीर पर राज्य किया था।
- दुर्लभ वर्धन द्वारा स्थापित वंश के बाद उत्पल वंश का शासन कश्मीर पर स्थापित हुआ।
- चीनी वृत्तों में दुर्लभ वर्धन को 'तु-लोन-प' नाम से पुकारा गया है।
- कर्कोटक वंश के प्रसिद्ध राजाओं में ललितादित्य तथा जयापीड विनयादित्य का नाम मुख्य रूप से लिया जाता है।
- प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग दुर्लभ वर्धन के समय में कश्मीर आया था।
|
|
|
|
|