अन-नस्र

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Revision as of 14:48, 20 December 2014 by आरिफ़ बेग (talk | contribs) (''''अन-नस्र''' इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ क़ुरआन का 110...' के साथ नया पन्ना बनाया)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)
Jump to navigation Jump to search

अन-नस्र इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ क़ुरआन का 110वाँ सूरा (अध्याय) है जिसमें 3 आयतें होती हैं।
110:1- ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी।
110:2- और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं।
110:3- तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख


वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः