डफला (जाति): Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
गोविन्द राम (talk | contribs) No edit summary |
No edit summary |
||
Line 1: | Line 1: | ||
'''डफला जाति''' के लोग बंगनी भी कहलाते हैं, पूर्वी [[भूटान]] और [[अरुणाचल प्रदेश]] (भूतपूर्व नॉर्थ-ईस्ट फ़्रंटियर एजेंसी, नेफ़ा) के जनजातीय लोग है। | |||
*ये लोग चीनी-तिब्बती परिवार की तिब्बती-बर्मी [[भाषा]] बोलते हैं। | *ये लोग चीनी-तिब्बती परिवार की तिब्बती-बर्मी [[भाषा]] बोलते हैं। | ||
*डफला अपना भरण-पोषण झूम खेती, शिकार और [[मछली]] मारकर करते हैं। | *डफला अपना भरण-पोषण झूम खेती, शिकार और [[मछली]] मारकर करते हैं। | ||
Line 8: | Line 8: | ||
*इनके [[धर्म]] में प्रकृति से जुड़ी पवित्र आत्माओं में विश्वास सम्मिलित है। | *इनके [[धर्म]] में प्रकृति से जुड़ी पवित्र आत्माओं में विश्वास सम्मिलित है। | ||
{{लेख प्रगति | {{लेख प्रगति | ||
|आधार= | |आधार= |
Latest revision as of 10:57, 8 February 2012
डफला जाति के लोग बंगनी भी कहलाते हैं, पूर्वी भूटान और अरुणाचल प्रदेश (भूतपूर्व नॉर्थ-ईस्ट फ़्रंटियर एजेंसी, नेफ़ा) के जनजातीय लोग है।
- ये लोग चीनी-तिब्बती परिवार की तिब्बती-बर्मी भाषा बोलते हैं।
- डफला अपना भरण-पोषण झूम खेती, शिकार और मछली मारकर करते हैं।
- ये 900 से 1,800 मीटर की ऊँचाई पर बल्लियों पर बने मकानों में रहते हैं।
- वंश का निर्धारण पैतृक आधार पर किया जाता है, जो 60 या 70 लोगों का एक कुटुंब होता है।
- यह कुटुंब एक लंबे घर में एक साथ रहता है, जिसमें विभाजित खंड नहीं होते, लेकिन प्रत्येक दंपति के परिवार के लिए एक अलग चूल्हा होता है।
- इस परंपरागत पितृगृह के अलावा कोई औपचारिक सामाजिक संगठन अथवा ग्राम सरकार नहीं होती।
- इनके धर्म में प्रकृति से जुड़ी पवित्र आत्माओं में विश्वास सम्मिलित है।
|
|
|
|
|