श्रद्धा के अनुसार मनुष्यों की निष्ठा का स्वरूप बतलाया गया; इससे यह जानने की इच्छा हो सकती है कि ऐसे मनुष्यों की पहचान कैसे हो कि कौन किस निष्ठावाला है। इस पर भगवान् कहते हैं –
सात्त्विक पुरुष देवों को पूजते हैं, राजस पुरुष यक्ष और राक्षसों को तथा अन्य जो तामस मनुष्य हैं, वे प्रेत और भूतगणों को पूजते हैं ।।4।।
Men of a Sattvika disposition worship gods; those of Rajas temperament worship demigods and demons; while others, who are men of a Tamas disposition, worship the spirits of the dead and groups of ghosts.(4)
सात्त्विका: = सात्त्विक पुरुष (तो) ; देवान् = देवों को ; यजन्ते = पूजते हैं (और) ; राजसा: = राजस पुरुष ; यक्षरक्षांसि = यक्ष (और) राक्षसों को (पूजते हैं) ;अन्ये = अन्य (जो) ; तामसा: = तामस ; जना: = मनुष्य हैं (वे) ; प्रेतान् = प्रेत ; च = और ; भूतगणान् =भूतगणों को ; यजन्ते = पूजते हैं