राष्ट्रीय संविधान दिवस: Difference between revisions
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भारतीय संविधान का पहला वर्णन ग्रानविले ऑस्टिन ने सामाजिक क्रांति को प्राप्त करने के लिये बताया था। भारतीय संविधान के प्रति बाबा साहेब अम्बेडकर का स्थायी योगदान भारत के सभी नागरिकों के लिए बहुत मददगार है। भारतीय संविधान देश को एक स्वतंत्र कम्युनिस्ट, धर्मनिरपेक्ष स्वायत्त और गणतंत्र भारतीय नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और संघ के रूप में गठन करने के लिए अपनाया गया था। जब भारत के संविधान को अपनाया गया था, तब [[भारत]] के नागरिकों ने शांति, शिष्टता और प्रगति के साथ एक नए संवैधानिक, वैज्ञानिक, स्वराज्य और [[आधुनिक भारत]] में प्रवेश किया था। भारत का संविधान पूरी दुनिया में बहुत अनोखा है और संविधान सभा द्वारा पारित करने में लगभग 2 साल, 11 [[महीने]] और 17 दिन का समय ले लिया गया। | भारतीय संविधान का पहला वर्णन ग्रानविले ऑस्टिन ने सामाजिक क्रांति को प्राप्त करने के लिये बताया था। भारतीय संविधान के प्रति बाबा साहेब अम्बेडकर का स्थायी योगदान भारत के सभी नागरिकों के लिए बहुत मददगार है। भारतीय संविधान देश को एक स्वतंत्र कम्युनिस्ट, धर्मनिरपेक्ष स्वायत्त और गणतंत्र भारतीय नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और संघ के रूप में गठन करने के लिए अपनाया गया था। जब भारत के संविधान को अपनाया गया था, तब [[भारत]] के नागरिकों ने शांति, शिष्टता और प्रगति के साथ एक नए संवैधानिक, वैज्ञानिक, स्वराज्य और [[आधुनिक भारत]] में प्रवेश किया था। भारत का संविधान पूरी दुनिया में बहुत अनोखा है और संविधान सभा द्वारा पारित करने में लगभग 2 साल, 11 [[महीने]] और 17 दिन का समय ले लिया गया।<ref>{{cite web |url=http://www.hindikiduniya.com/events/constitution-day/ |title=संविधान दिवस |accessmonthday=16 नवम्बर |accessyear=2016 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=hindikiduniya.com |language= हिंदी}}</ref> | ||
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भारतीय संविधान की विशेषताओं में से कुछ निम्नलिखित हैं- | भारतीय संविधान की विशेषताओं में से कुछ निम्नलिखित हैं- |
Latest revision as of 07:27, 16 November 2016
राष्ट्रीय संविधान दिवस
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विवरण | 'राष्ट्रीय संविधान दिवस' भारत में मनाये जाने वाले राष्ट्रीय दिवसों में से एक है। यह संविधान के जनक डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर को याद और सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है |
देश | भारत |
तिथि | 26 नवम्बर |
संबंधित लेख | भारत का संविधान, भीमराव आम्बेडकर, संविधान संशोधन |
अन्य जानकारी | संविधान के उद्देश्यों को प्रकट करने हेतु प्राय: पहले एक प्रस्तावना प्रस्तुत की जाती है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना विश्व मे सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। प्रस्तावना के माध्यम से भारतीय संविधान का सार, अपेक्षाएँ, उद्देश्य उसका लक्ष्य तथा दर्शन प्रकट होता है। |
राष्ट्रीय संविधान दिवस (अंग्रेज़ी: National Constitution Day) भारत में प्रत्येक वर्ष '26 नवम्बर को मनाया जाता है। वर्ष 1949 में 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को स्वीकृत किया गया था, जो 26 जनवरी, 1950 को प्रभाव में आया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को "भारत के संविधान का जनक" कहा जाता है। भारत की आजादी के बाद काग्रेस सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के प्रथम कानून मंत्री के रूप में सेवा करने का निमंत्रण दिया। उन्हें 29 अगस्त को संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वह भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्हें मजबूत और एकजुट भारत के लिए जाना जाता है।
भारतीय संविधान
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भारतीय संविधान का पहला वर्णन ग्रानविले ऑस्टिन ने सामाजिक क्रांति को प्राप्त करने के लिये बताया था। भारतीय संविधान के प्रति बाबा साहेब अम्बेडकर का स्थायी योगदान भारत के सभी नागरिकों के लिए बहुत मददगार है। भारतीय संविधान देश को एक स्वतंत्र कम्युनिस्ट, धर्मनिरपेक्ष स्वायत्त और गणतंत्र भारतीय नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और संघ के रूप में गठन करने के लिए अपनाया गया था। जब भारत के संविधान को अपनाया गया था, तब भारत के नागरिकों ने शांति, शिष्टता और प्रगति के साथ एक नए संवैधानिक, वैज्ञानिक, स्वराज्य और आधुनिक भारत में प्रवेश किया था। भारत का संविधान पूरी दुनिया में बहुत अनोखा है और संविधान सभा द्वारा पारित करने में लगभग 2 साल, 11 महीने और 17 दिन का समय ले लिया गया।[1]
विशेषताएँ
भारतीय संविधान की विशेषताओं में से कुछ निम्नलिखित हैं-
- यह लिखित और विस्तृत है।
- यह लोकतांत्रिक सरकार है - निर्वाचित सदस्य।
- मौलिक अधिकार,
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता, यात्रा, रहने, भाषण, धर्म, शिक्षा आदि की स्वतंत्रता,
- एकल राष्ट्रीयता,
- भारतीय संविधान लचीला और गैर लचीला दोनों है।
- राष्ट्रीय स्तर पर जाति व्यवस्था का उन्मूलन।
- समान नागरिक संहिता और आधिकारिक भाषाएं,
- केंद्र एक बौद्ध 'Ganrajya' के समान है,
- बुद्ध और बौद्ध अनुष्ठान का प्रभाव,
- भारतीय संविधान अधिनियम में आने के बाद, भारत में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला है।
- दुनिया भर में विभिन्न देशों ने भारतीय संविधान को अपनाया है।
- पड़ोसी देशों में से एक भूटान ने भी भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली को स्वीकार कर लिया है।
क्यों मनाते हैं?
भारत में राष्ट्रीय संविधान दिवस 26 नवंबर को हर साल सरकारी तौर पर मनाया जाने वाला कार्यक्रम है, जो संविधान के जनक डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर को याद और सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। भारत के लोग अपना संविधान शुरू करने के बाद अपना इतिहास, स्वतंत्रता, स्वतंत्रता और शांति का जश्न मनाते है। संविधान के उद्देश्यों को प्रकट करने हेतु प्राय: उनसे पहले एक प्रस्तावना प्रस्तुत की जाती है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना विश्व मे सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। प्रस्तावना के माध्यम से भारतीय संविधान का सार, अपेक्षाएँ, उद्देश्य उसका लक्ष्य तथा दर्शन प्रकट होता है।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ संविधान दिवस (हिंदी) hindikiduniya.com। अभिगमन तिथि: 16 नवम्बर, 2016।
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