मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं -रहीम

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं -रहीम
कवि रहीम
जन्म 17 दिसम्बर 1556 ई.
मृत्यु 1627 ई.
मुख्य रचनाएँ रहीम रत्नावली, रहीम विलास, रहिमन विनोद, रहीम 'कवितावली, रहिमन चंद्रिका, रहिमन शतक
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
रहीम की रचनाएँ

मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं,
भले ही निठुर भये, काहे को लजाइये।
तन मन रावरे सो मतों के मगन हेतु,
उचरि गये ते कहा तुम्हें खोरि लाइये॥
चित लाग्यो जित, जैहै तितही ’रहीम’ नित,
धाधवे के हित इत एक बार आइये।
जान हुरसी उर बसी है तिहारे उर,
मोसों प्रीति बसी तऊ हँसी न कराइये॥

संबंधित लेख


वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः