उपबर्हण
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Revision as of 08:55, 28 November 2012 by रविन्द्र प्रसाद (talk | contribs) (''''उपबर्हण''' देवर्षि नारद के पूर्वजन्म का नाम थ...' के साथ नया पन्ना बनाया)
उपबर्हण देवर्षि नारद के पूर्वजन्म का नाम था। अपने पूर्वजन्म में उपबर्हण एक गन्धर्व थे।
- सुन्दर होने के कारण उपबर्हण सदा स्त्रियों के समाज में समय व्यतीत करते थे, जिससे रुष्ट होकर देवताओं ने इन्हें शूद्र होने का शाप दिया था।
- देवताओं के शाप के फलस्वरूप उपबर्हण दासी पुत्र हुए, किंतु ब्रह्माज्ञानी संत महात्माओं की सेवा तथा शुद्ध आचरण के बल पर अन्त में ब्रह्मापुत्र हुए।भागवतपुराण 7.15.69-73
- भागवतपुराण[1] के एक उल्लेख के अनुसार उपबर्हण क्रौंच द्वीप के सात प्रधान पर्वतों में से एक पर्वत का नाम है।
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
पौराणिक कोश |लेखक: राणाप्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, आज भवन, संत कबीर मार्ग, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 62 |
- ↑ भागवतपुराण 5.20.21
संबंधित लेख
वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज