मोको कहां ढूँढे रे बन्दे -कबीर: Difference between revisions

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ना मैं बरत उपास में
ना मैं बरत उपास में
ना मैं किरिया करम में रहता
ना मैं किरिया करम में रहता
नहिं जोग सन्यास में
नहिं जोग सन्न्यास में
नहिं प्राण में नहिं पिंड में
नहिं प्राण में नहिं पिंड में
ना ब्रह्याण्ड आकाश में
ना ब्रह्याण्ड आकाश में

Latest revision as of 12:05, 2 May 2015

मोको कहां ढूँढे रे बन्दे -कबीर
कवि कबीर
जन्म 1398 (लगभग)
जन्म स्थान लहरतारा ताल, काशी
मृत्यु 1518 (लगभग)
मृत्यु स्थान मगहर, उत्तर प्रदेश
मुख्य रचनाएँ साखी, सबद और रमैनी
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
कबीर की रचनाएँ

मोको कहां ढूँढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में
ना तीरथ मे ना मूरत में
ना एकान्त निवास में
ना मंदिर में ना मस्जिद में
ना काबे कैलास में
मैं तो तेरे पास में बन्दे
मैं तो तेरे पास में
ना मैं जप में ना मैं तप में
ना मैं बरत उपास में
ना मैं किरिया करम में रहता
नहिं जोग सन्न्यास में
नहिं प्राण में नहिं पिंड में
ना ब्रह्याण्ड आकाश में
ना मैं प्रकुति प्रवार गुफा में
नहिं स्वांसों की स्वांस में
खोजि होए तुरत मिल जाउं
इक पल की तालास में
कहत कबीर सुनो भई साधो
मैं तो हूं विश्वास में



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