दीपक पर पतंग -महादेवी वर्मा: Difference between revisions
Jump to navigation
Jump to search
[unchecked revision] | [unchecked revision] |
व्यवस्थापन (talk | contribs) m (Text replace - "'मेरा परिवार', 'स्मृति की रेखाएँ', 'पथ के साथी', 'शृंखला की कड़ियाँ', 'अतीत के चलचित्र', नीरजा, नीहा�) |
व्यवस्थापन (talk | contribs) m (Text replacement - " जगत " to " जगत् ") |
||
Line 52: | Line 52: | ||
जो तू जलने को पागल हो | जो तू जलने को पागल हो | ||
आँसू का जल स्नेह बनेगा | आँसू का जल स्नेह बनेगा | ||
धूमहीन निस्पंद | धूमहीन निस्पंद जगत् में | ||
जल-बुझ, यह क्रंदन करता क्यों | जल-बुझ, यह क्रंदन करता क्यों | ||
दीपक में पतंग जलता क्यों? </poem> | दीपक में पतंग जलता क्यों? </poem> |
Revision as of 13:50, 30 June 2017
| ||||||||||||||||||||
|
दीपक में पतंग जलता क्यों? |
संबंधित लेख