उत्तंक (गौतम शिष्य)
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation
Jump to search
चित्र:Disamb2.jpg उत्तंक | एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- उत्तंक (बहुविकल्पी) |
उत्तंक हिन्दू मान्यताओं और पौराणिक महाकाव्य महाभारत के अनुसार एक ऋषि थे, जो गौतम ऋषि के शिष्य थे।
- गौतम ऋषि का प्रेम और स्नेह सबसे अधिक उत्तंक में ही था।
- उत्तंक के इन्द्रिय संयम, बाहर-भीतर की पवित्रता, पुरुषार्थ, कर्म और उत्तमोत्तम सेवा से गौतम ऋषि बहुत प्रसन्न रहते थे।[1]
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 22 |
- ↑ महाभारत आश्वमेधिक पर्व अध्याय 56 श्लोक 1-16
संबंधित लेख
|
वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज